स्वस्थ गर्भावस्था के लिए: जेनेटिक जोखिम को कैसे कम करें
जेनेटिक बीमारियों का जोखिम केवल उन लोगों को नहीं होता जिनकी फैमिली हिस्ट्री में ये समस्या है; यह बढ़ती उम्र और पर्यावरणीय कारकों पर भी निर्भर करता है। प्री-कॉन्सेप्शन जेनेटिक काउंसलिंग के जरिए आप होने वाले बच्चे में संभावित आनुवंशिक विकारों का भी पता लगा सकते हैं। गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में होने वाले गर्भावस्था में जेनेटिक टेस्ट और स्क्रीनिंग (जैसे NIPT या NT NB Scan) बच्चे के स्वास्थ्य की सटीक तस्वीर पेश करते हैं। फोलिक एसिड, सही पोषण और तनाव-मुक्त जीवनशैली जेनेटिक म्यूटेशन के खतरों को कम करने में सहायक हैं। डॉक्टर से मिलने में संकोच न करें, विशेषकर फैमिली हिस्ट्री और प्रेग्नेंसी के मामलों में। प्रेग्नेंसी के शुरुआती 12 हफ्तों के भीतर सभी जरूरी गर्भावस्था के जेनेटिक टेस्ट पूरे करें। जेनेटिक डिसऑर्डर से बचाव के लिए फोलिक एसिड और संतुलित जीवनशैली को अपनाएं।
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